(N/A) चित्र में दर्शाए अनुसार $O$-$XY$ द्विविमीय कार्तीय निर्देशांक पद्धति पर विचार करें।
मान लीजिए बिंदु $P$ का स्थिति सदिश $\vec{A}$ है।
$P$ से $X$-अक्ष पर प्रक्षेप (projection) खींचने पर हमें $OM$ प्राप्त होता है,जहाँ $\vec{OM} = \vec{A}_x = A_x \hat{i}$,$\vec{A}$ का $X$-घटक है।
$P$ से $Y$-अक्ष पर प्रक्षेप खींचने पर हमें $ON$ प्राप्त होता है,जहाँ $\vec{ON} = \vec{A}_y = A_y \hat{j}$,$\vec{A}$ का $Y$-घटक है,जहाँ $A_x$ और $A_y$ वास्तविक संख्याएँ हैं।
चित्र से,सदिश योग के समांतर चतुर्भुज नियम के अनुसार:
$\vec{A} = \vec{A}_x + \vec{A}_y$
$\vec{A} = A_x \hat{i} + A_y \hat{j}$
मान लीजिए $\vec{A}$,$X$-अक्ष के साथ $\theta$ कोण बनाता है।
समकोण त्रिभुज $\Delta OMP$ में:
$\cos \theta = \frac{A_x}{A} \implies A_x = A \cos \theta$
$\sin \theta = \frac{A_y}{A} \implies A_y = A \sin \theta$
इन समीकरणों से यह स्पष्ट है कि कोण $\theta$ के आधार पर घटक धनात्मक,ऋणात्मक या शून्य हो सकते हैं।
सदिशों को एक समतल में दो तरीकों से दर्शाया जा सकता है:
$(i)$ उनके परिमाण और दिशा द्वारा।
$(ii)$ उनके घटकों ($X$ और $Y$ घटकों) द्वारा।